बुधवार, 8 अप्रैल 2015

लिल्की- एक लड़की की कहानी

बच्चों, आपने अपने आस-पास बहुत से ऐसे बच्चों को देखा होगा, जो घरों में काम करते हैं. वे आपकी तरह स्कूल नहीं जाते. क्या आप उनके साथ खेलते हैं? क्या आपने कभी सोचा है कि वे बच्चे कैसा महसूस करते हैं, जब आप खेल रहे होते हैं और वे घरों में काम कर रहे होते हैं?

'लिल्की' भी दस साल की ऐसी ही लड़की की कहानी पर बनी फिल्म है. यह फिल्म 2006 में Children's Film Society, India ने बनायी है. लिल्की गढ़वाल के अपने गाँव से गाँव की एक दीदी के साथ शहर उनके बच्चे 'बिट्टू' की देखभाल करने आती है. जब उसके काम्प्लेक्स की लड़कियों को पता चलता है कि वह एक नौकरानी है, तो उसके साथ खेलना बंद कर देती हैं. लिल्की पढ़ने में बहुत होशियार थी. वह अपने गाँव के स्कूल में कक्षा में फर्स्ट आती थी, लेकिन यहाँ पढ़ने नहीं जाती है क्योंकि उसे बिट्टू को सँभालना पड़ता है. 

क्या लिल्की से उसकी बिल्डिंग की लड़कियाँ फिर से दोस्ती करती हैं? क्या वह यहीं रहती है या अपने गाँव वापस चली जाती है? क्या वह पढ़ने जाती है या नौकरानी बनकर रह जाती है? अगर आपको इन सवालों के जवाब जानने हैं तो ये फिल्म देखिये. आपको ज़रूर अच्छी लगेगी.


1 टिप्पणी:

  1. बहुत खूब तोहफ़ा ...बच्चों के साथ हम बड़ों के लिए भी .... आभार ...

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